Loan lene ki Galtiyan: आज के समय में लोन लेना बहुत आसान हो गया है। कुछ documents दीजिए और पैसा account में आ जाता है। इसी आसानी की वजह से लोग बिना सोचे-समझे लोन ले लेते हैं। शुरुआत में सब कुछ आसान लगता है, लेकिन धीरे-धीरे वही फैसला इंसान की पूरी financial life को बिगाड़ देता है। भारत में ज़्यादातर लोग अनजाने में ऐसी loan lene ki galtiyan कर बैठते हैं, जिनका असर सालों तक चलता है। लोन खुद में बुरा नहीं होता, लेकिन गलत तरीके से लिया गया लोन इंसान को मेहनत के बावजूद आगे नहीं बढ़ने देता।
1: Loan lene ki galtiyan तब शुरू होती हैं जब EMI को income समझ लिया जाता है
सबसे पहली और सबसे आम गलती यही होती है कि लोग EMI को अपनी income का हिस्सा मान लेते हैं। उन्हें लगता है कि salary आ रही है, तो EMI तो आराम से निकल जाएगी। लेकिन सच्चाई ये है कि EMI आपकी income नहीं, बल्कि future की income को पहले ही खर्च कर रही होती है। यही सबसे बड़ी loan lene ki galtiyan में से एक है। जब हर महीने income का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाता है, तो saving और investment के लिए पैसा बचता ही नहीं। धीरे-धीरे इंसान सिर्फ EMI चुकाने के लिए काम करने लगता है, अपने सपनों के लिए नहीं।
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2: Loan lene se nuksan तब होता है जब ज़रूरत और चाहत में फर्क नहीं किया जाता
बहुत से लोग ये समझ ही नहीं पाते कि लोन ज़रूरत के लिए लिया जाना चाहिए, चाहत के लिए नहीं। घर या पढ़ाई के लिए लिया गया लोन भविष्य में फायदा दे सकता है, लेकिन सिर्फ दिखावे, status या comparison के लिए लिया गया लोन हमेशा loan lene se nuksan करता है। नई car, महंगा mobile या lifestyle upgrade के लिए लिया गया लोन कुछ महीनों की खुशी देता है, लेकिन सालों की परेशानी दे जाता है। चीज़ पुरानी हो जाती है, excitement खत्म हो जाती है, लेकिन EMI चलती रहती है और यहीं से financial stress शुरू होता है।
3: EMI ka bojh सही तरीके से calculate न करना
ज़्यादातर लोग EMI calculate करते समय सिर्फ ये देखते हैं कि हर महीने कितनी रकम कटेगी। वे ये नहीं देखते कि उनकी total income का कितना प्रतिशत EMI में जा रहा है। जब एक से ज़्यादा लोन चलने लगते हैं, तब इंसान को समझ आता है कि असली EMI ka bojh क्या होता है। कमाई बढ़ने के बावजूद हाथ में पैसा नहीं बचता। अगर income का 40–50% EMI में जा रहा है, तो थोड़ी-सी emergency भी पूरी planning बिगाड़ सकती है। यही वजह है कि लोग हमेशा पैसों की चिंता में जीते रहते हैं।
4: Galat loan lene ke nuksan को interest और tenure में न समझना
बहुत से लोग लोन लेते समय सिर्फ EMI पर ध्यान देते हैं और interest rate तथा tenure को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। उन्हें लगता है कि tenure जितना लंबा होगा, EMI उतनी कम होगी और सब manage हो जाएगा। लेकिन यही सोच galat loan lene ke nuksan को और बढ़ा देती है। लंबा tenure मतलब ज़्यादा interest और ज़्यादा पैसा वापस करना। कई लोग ₹3–4 लाख का लोन लेकर सालों में ₹7–8 लाख चुका देते हैं, लेकिन उन्हें इसका एहसास बहुत देर से होता है। Interest चुपचाप आपकी मेहनत की कमाई खाता रहता है।
5: Personal loan lene ki galtiyan सबसे ज़्यादा नुकसान करती हैं
आज सबसे ज़्यादा लोग personal loan lene ki galtiyan कर रहे हैं। Personal loan आसानी से मिल जाता है, कोई security नहीं चाहिए और process भी fast होता है। लेकिन इसका interest सबसे ज़्यादा होता है। लोग छोटी-छोटी ज़रूरतों या खर्चों के लिए personal loan ले लेते हैं और बाद में EMI के जाल में फँस जाते हैं। Personal loan की EMI धीरे-धीरे आपकी financial freedom छीन लेती है और इंसान सालों तक सिर्फ चुका ही पाता है।
कैसे ये loan lene ki galtiyan इंसान को सालों पीछे रख देती हैं
इन सभी गलतियों का नतीजा एक जैसा होता है। इंसान मेहनत तो पूरी करता है, लेकिन saving नहीं कर पाता। Investment पीछे छूट जाती है और future planning रुक जाती है। EMI ka bojh इंसान को risk लेने से डराने लगता है। वह job change नहीं कर पाता, business शुरू नहीं कर पाता और अपने सपनों से समझौता कर लेता है। यही वजह है कि loan lene se nuksan सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि ज़िंदगी के फैसलों का भी होता है।
क्या हर लोन गलत होता है या समझदारी से लिया गया लोन सही भी हो सकता है?
हर लोन गलत नहीं होता। Education loan या home loan जैसे लोन long-term में फायदा दे सकते हैं, क्योंकि ये आपकी earning capacity या stability बढ़ाते हैं। लेकिन फर्क इस बात से पड़ता है कि आप लोन क्यों ले रहे हैं। अगर लोन आपकी income बढ़ाने में मदद कर रहा है, तो वो सही हो सकता है। लेकिन अगर लोन सिर्फ lifestyle दिखाने के लिए है, तो वही galat loan lene ke nuksan आपकी पूरी financial life पर भारी पड़ सकते हैं।
सही mindset से personal loan lene ki galtiyan कैसे बचाई जा सकती हैं
लोन लेने से पहले खुद से कुछ ईमानदार सवाल पूछना बहुत ज़रूरी है। क्या ये लोन मेरी income बढ़ाएगा? क्या मैं इसे बिना stress के चुका सकता हूँ? क्या मेरे पास emergency fund है? अगर इन सवालों के जवाब साफ हैं, तो आप बहुत हद तक personal loan lene ki galtiyan करने से बच सकते हैं। सही planning और सही mindset के साथ लिया गया लोन आपको पीछे नहीं, बल्कि आगे ले जा सकता है।
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अंतिम सच्चाई: Loan lene ki galtiyan आपकी किस्मत तय कर देती हैं
लोन आपको आज राहत दे सकता है, लेकिन गलत लोन आपको सालों की सज़ा दे सकता है। अमीर और गरीब में फर्क income का नहीं, बल्कि फैसलों का होता है। जो इंसान loan lene ki galtiyan समय रहते समझ लेता है, वो financial stress से बच जाता है। और जो इन गलतियों को नज़रअंदाज़ करता है, वो ज़िंदगी भर EMI ka bojh ढोता रह जाता है।

