क्रेडिट स्कोर गिरते ही लोन महँगा क्यों हो जाता है? क्योंकि बैंक को आप पर भरोसा कम और जोखिम ज़्यादा दिखने लगता है

क्रेडिट स्कोर गिरते ही लोन महँगा क्यों हो जाता है?

क्रेडिट स्कोर गिरते ही लोन महँगा क्यों हो जाता है?: अक्सर लोग सोचते हैं कि लोन महँगा होना सिर्फ बैंक की मनमानी है। लेकिन सच्चाई ये है कि जैसे ही आपका क्रेडिट स्कोर गिरता है, बैंक और फाइनेंस कंपनियों की नज़र में आप “रिस्की कस्टमर” बन जाते हैं। उसी पल से लोन की ब्याज दर बढ़ने लगती है, शर्तें सख्त हो जाती हैं और कई बार लोन मिलना ही मुश्किल हो जाता है। क्रेडिट स्कोर सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि आपकी पूरी आर्थिक साख का आईना है। एक छोटी-सी गलती भविष्य के हर लोन को महँगा बना सकती है।

क्रेडिट स्कोर क्या होता है और बैंक इसे इतना गंभीर क्यों लेते हैं

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credit score आपके पिछले लोन और क्रेडिट कार्ड के व्यवहार का नतीजा होता है। आपने EMI समय पर चुकाई या नहीं, क्रेडिट कार्ड का बिल कैसे भरा, कितनी बार लोन के लिए अप्लाई किया—ये सब मिलकर आपका स्कोर बनाते हैं। बैंक इस स्कोर से ये अंदाज़ा लगाते हैं कि आप भविष्य में पैसा लौटाने में कितने भरोसेमंद हैं। इसलिए जब स्कोर अच्छा होता है, तो बैंक आपको “सेफ कस्टमर” मानते हैं। और जैसे ही स्कोर गिरता है, वही बैंक सतर्क हो जाते हैं।

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क्रेडिट स्कोर गिरते ही ब्याज दर क्यों बढ़ जाती है

बैंक का सीधा सा नियम होता है—जो कस्टमर जितना ज़्यादा जोखिम भरा, उससे उतना ज़्यादा ब्याज लिया जाएगा। जब आपका क्रेडिट स्कोर कम होता है, तो बैंक को डर रहता है कि कहीं आप EMI समय पर न चुकाएँ। उस संभावित नुकसान की भरपाई के लिए बैंक ब्याज दर बढ़ा देता है। यही वजह है कि दो लोगों को एक ही लोन अलग-अलग ब्याज दर पर मिलता है। अच्छा स्कोर = सस्ता लोन, खराब स्कोर = महँगा लोन।

कम क्रेडिट स्कोर का असर सिर्फ ब्याज तक सीमित नहीं रहता

बहुत लोग सोचते हैं कि कम स्कोर का मतलब बस थोड़ी ज़्यादा ब्याज दर। लेकिन असल असर इससे कहीं बड़ा होता है। कम स्कोर होने पर लोन की राशि कम मिलती है, डाउन पेमेंट ज़्यादा देना पड़ता है, लोन की अवधि छोटी कर दी जाती है और कई बार गारंटर भी माँगा जाता है। यानी लोन न सिर्फ महँगा, बल्कि ज़्यादा मुश्किल भी हो जाता है। यही वजह है कि क्रेडिट स्कोर गिरने का असर सालों तक पीछा करता है।

क्रेडिट स्कोर गिरने की सबसे आम गलतियाँ

अक्सर लोग अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं जो स्कोर को नुकसान पहुँचा देती हैं। EMI या क्रेडिट कार्ड बिल देर से भरना सबसे बड़ी गलती है। इसके अलावा बार-बार लोन या कार्ड के लिए अप्लाई करना, क्रेडिट कार्ड की लिमिट का पूरा इस्तेमाल करना और पुराने लोन को बिना बंद किए नए लोन लेना—ये सब स्कोर गिराने के बड़े कारण हैं। छोटी लगने वाली ये आदतें मिलकर आपकी आर्थिक साख कमजोर कर देती हैं।

EMI में एक चूक कैसे पूरी फाइनेंशियल लाइफ महँगी बना देती है

कई लोग सोचते हैं कि एक EMI लेट हो गई तो क्या फर्क पड़ेगा। लेकिन यही सोच सबसे ज़्यादा नुकसान करती है। एक भी चूक आपके क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है और स्कोर गिरने लगता है। जब यही चूक बार-बार होती है, तो बैंक को साफ संदेश जाता है कि आप अनुशासित उधारकर्ता नहीं हैं। नतीजा—भविष्य में हर लोन महँगा और मुश्किल।

क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल स्कोर क्यों गिरा देता है

क्रेडिट कार्ड सुविधा के लिए होता है, लेकिन गलत इस्तेमाल इसे खतरे में बदल देता है। लिमिट से ज़्यादा खर्च करना, सिर्फ मिनिमम ड्यू भरना और कई कार्ड रखना—ये सब स्कोर को नुकसान पहुँचाते हैं। बैंक इसे इस तरह देखते हैं कि आप जरूरत से ज़्यादा उधार पर निर्भर हैं। इसलिए जैसे ही कार्ड का इस्तेमाल अनियंत्रित होता है, क्रेडिट स्कोर नीचे आने लगता है।

कम स्कोर होने पर होम लोन और कार लोन क्यों सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं

होम लोन और कार लोन लंबी अवधि के होते हैं और बड़ी राशि के होते हैं। बैंक ऐसे लोन में जोखिम बिल्कुल नहीं लेना चाहते। इसलिए अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो इन लोन पर ब्याज दर सबसे पहले बढ़ती है या आवेदन रिजेक्ट हो जाता है। कई लोग सालों तक मेहनत करके घर खरीदने की सोचते हैं, लेकिन खराब स्कोर की वजह से सपना टल जाता है।

कम क्रेडिट स्कोर पर ब्याज दर ज्यादा क्यों होती है
कम क्रेडिट स्कोर पर ब्याज दर ज्यादा क्यों होती है

अच्छा क्रेडिट स्कोर कैसे आपकी ताकत बन जाता है

जब आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होता है, तो बैंक खुद आपको बेहतर ऑफर देते हैं। कम ब्याज, ज़्यादा लोन अमाउंट, आसान प्रोसेस—सब कुछ आपके पक्ष में होता है। आप बातचीत करके शर्तें भी बदलवा सकते हैं। यही वजह है कि अमीर और समझदार लोग क्रेडिट स्कोर को अपनी ताकत मानते हैं, न कि सिर्फ एक नंबर।

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क्रेडिट स्कोर सुधारने में समय क्यों लगता है

क्रेडिट स्कोर रातों-रात नहीं सुधरता, क्योंकि यह आपके व्यवहार का रिकॉर्ड होता है। समय पर EMI भरना, कार्ड का सीमित इस्तेमाल और पुराने बकाया निपटाना—इन सबमें समय लगता है। लेकिन अच्छी बात ये है कि लगातार सही आदतें अपनाने से स्कोर धीरे-धीरे सुधरता है। धैर्य और अनुशासन यहाँ सबसे बड़ा हथियार है।

मिडिल क्लास के लिए क्रेडिट स्कोर और भी ज़्यादा अहम क्यों है

मिडिल क्लास के पास अक्सर बड़ी बचत नहीं होती। घर, गाड़ी या बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन ज़रूरी हो जाता है। ऐसे में अगर क्रेडिट स्कोर खराब हो, तो लोन महँगा पड़ता है और बोझ बढ़ जाता है। इसलिए मिडिल क्लास के लिए क्रेडिट स्कोर सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच है।

अंतिम सच्चाई जो हर उधारकर्ता को समझनी चाहिए

क्रेडिट स्कोर गिरते ही लोन महँगा होना कोई सज़ा नहीं, बल्कि एक संकेत है—कि आपको अपनी आर्थिक आदतें सुधारने की ज़रूरत है। बैंक आपके पिछले व्यवहार के आधार पर भविष्य का अनुमान लगाते हैं। अगर आप आज अनुशासन दिखाएँगे, तो कल सस्ते और आसान लोन आपके लिए खुले रहेंगे। याद रखिए, क्रेडिट स्कोर आपकी पहचान है—इसे संभालना आपकी ज़िम्मेदारी है।

क्या आपने कभी खराब क्रेडिट स्कोर की वजह से महँगा लोन लिया है? या कोई लोन रिजेक्ट हुआ है?
नीचे लिखिए—आपका अनुभव किसी और को सही समय पर संभलने में मदद कर सकता है।

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